सितारगंज: हाईकोर्ट के आदेशों की खुलेआम धज्जियां, चिकघाट पुराने पुल से महज 100 मीटर दूरी पर धड़ल्ले से अवैध खनन, पोकलैंड–जेसीबी से नदी का सीना छलनी, जिला प्रशासन मौन
अरुण कुमार: सवाददात, उत्तराखंड उजाला
सितारगंज। हाईकोर्ट द्वारा नदी खनन पर लगाए गए सख्त प्रतिबंधों के बावजूद सितारगंज क्षेत्र के चिकघाट में अवैध खनन खुलेआम जारी है। स्थिति यह है कि पुराने पुल से महज 100 मीटर की दूरी पर प्रतिबंधित भारी मशीनों पोकलैंड और जेसीबी का प्रयोग कर नदी का सीना बेरहमी से छलनी किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दिन-रात चल रहे इस अवैध खनन से न केवल नदी का प्राकृतिक स्वरूप नष्ट हो रहा है, बल्कि पुराने पुल की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बावजूद इसके, जिम्मेदार विभाग और जिला प्रशासन इस पूरे मामले में आंखें मूंदे बैठा है
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सूत्रों की मानें तो खनन माफिया बिना किसी वैध अनुमति के प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कार्य कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में भारी मशीनों का संचालन किसके संरक्षण में हो रहा है? क्या संबंधित विभागों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है अवैध खनन से पर्यावरण को हो रहे नुकसान और संभावित हादसों को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर खनन पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन कब तक मौन साधे रहता है या फिर अवैध खनन पर शिकंजा कसने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है।












